क़लम एक कुदाल जुड़िए संस्कृति से ...

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मैं विचार विमर्श करूंगा

मैं विचार विमर्श करूंगा,हाँ, अवश्य करूंगा।ये विचारों का मंथन न होता,तो शायद मेरा भी,आज जनेऊ होता,सूर्य को पानी देता।कर रहा होता कर्मकांड,जो मेरे पुरखे करते थे,गुरूनानक देव जी के,आगमन से पहले।अब तुम चाहे मुझेनिंदक...

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संस्कारों के बारे में

क्या आपको अपने सयुंक्त परिवार के संस्कारों के बारे में कभी आपके माता पिता ने आपको कभी अहसास कराया है। चलिए आज एक पारिवारिक भावपूर्ण प्रसंग का उल्लेख करते हुए एक वृतांत को समझने...

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फिर भी मेरा देश महान

“हिरण मारा गोली से,गाडी से इंसान,कानून मारा पैसों से,फिर भी मेरा देश महान”कायर उसे न कहियेजो चला गया,इनसान सबसे ,लडकर,,,जीत सकता हैपर वक्त से नहीं… मरने के लिए बड़ी हिम्मतचाहिए होती है,यकीन नही होतातो...

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तुम्हें कहीं इंसाफ मिलेगा

आहों से पत्थर पिघलेगाइस धोखे में मत रहना,तुम्हें कहीं इंसाफ मिलेगाइस धोखे में मत रहना।भारत के जर्रे-जर्रे मेंसबका अपना हिस्सा है,बुला-बुलाकर कोई देगाइस धोखे में मत रहना। तुम्हें कहीं इंसाफ मिलेगाभाग्य और भगवान हमारेकेवल...

तुम मेरे शिव बन जाना 0

तुम मेरे शिव बन जाना

तुम मेरे शिव बन जाना,औरमुझको अपना नंदी बनानादेश मे व्याप्तसारा का सारा गरल पी लेना।जो भी सम्मुख उगला है,उसे अपने अंदर ही समेटे रखना। जीना सरल है…प्यार करना सरल है…..हारना और जीतना भी सरल...

अब मैं अभागा किसान 0

अब मैं अभागा किसान

अब मैं अभागा किसानराशन की कतारों में नज़र आता हूँ..खेतिहर मजदूर अपनेखेतों से बिछड़ने की सज़ा पाता हूँ,साहब देखो इतनीमहंगाई के बाज़ार से कुछ लाता हूँ.. अब मैं अभागा किसानमैं किस्मत का माराअपने बच्चों...

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