Monthly Archive: September 2020

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वो एक माँ थी

पर वो एक माँ थी,आज अकस्मात,उसके आशियाने परआसमान से,धधकता दावानल,हवा के संग,और हुआ विकराल। भयंकर लपटों सेसमस्त चराचरहोने लगा भस्मीभूत। चाहती तो वो भीउड़ सकती थीपर माँ थी एक वो बेठी रहीअपने उर उपांशो...

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दहेज की भेंट चढ़ी

दहेज की भेंट चढ़ी हूँ मैं !! एक कवि नदी के किनारे खड़ा था ! तभी वहाँ से एक लड़की का शव नदी में तैरता हुआ जा रहा था। तो तभी कवि ने उस...

तुझे कुछ और दूँ 0

तुझे कुछ और दूँ

मन समर्पित, तन समर्पित,और यह जीवन समर्पित,चाहता हूँ देश की धरती,तुझे कुछ और भी दूँ । माज दो तलवार को लाओ ना देरीभाल पर मल दो चरण की धूल थोड़ीशीश पर आशीष की छाया...

सोचता हूँ कुछ ऐसा लिखू 0

सोचता हूँ कुछ लिखू

सोचता हूँ कुछ ऐसा लिखूजिसे चाह कर भी तुम ठुकरा ना सको,भेजू कोई ऐसी दुआ तुम तक,की दुनिया मे कोई चीज ना हो ऐसीजिसे तुम चाहो और पा ना सको…डूबे रहो मेरे एहसासो मे...

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मैं लिखना चाहता भाव

मैं लिखना चाहता हूँ भावक्यों लिख जाता है अभाव जब लिखना चाहता हूँ ईमानघिर जाता हूँ भ्रष्ट, साजिश जैसेगद्दार, धारदार, बेधकशब्दों के व्यूह से। लिखना चाहता हूँ अपनापनअनायास ही अट्टहास करतेसिर पर चक्कर काटने...

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भिक्षु देवमित्त धम्मपाल (धर्मपाल)

अनागारिक धर्मपाल : भिक्षु देवमित्त धम्मपाल (धर्मपाल)September 17th: World Pali Day बुद्ध धम्म के पुनर्उद्धारक को उनकी जयंती पर कोटि कोटि नमन। भारत में बौद्ध धर्म को पुनर्जीवन करने वाले अनागारिक धम्मपाल (धर्मपाल) ( जन्म...

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