Author: Amit Singh

तुम मेरे शिव बन जाना 0

तुम मेरे शिव बन जाना

तुम मेरे शिव बन जाना,औरमुझको अपना नंदी बनानादेश मे व्याप्तसारा का सारा गरल पी लेना।जो भी सम्मुख उगला है,उसे अपने अंदर ही समेटे रखना। जीना सरल है…प्यार करना सरल है…..हारना और जीतना भी सरल...

अब मैं अभागा किसान 0

अब मैं अभागा किसान

अब मैं अभागा किसानराशन की कतारों में नज़र आता हूँ..खेतिहर मजदूर अपनेखेतों से बिछड़ने की सज़ा पाता हूँ,साहब देखो इतनीमहंगाई के बाज़ार से कुछ लाता हूँ.. अब मैं अभागा किसानमैं किस्मत का माराअपने बच्चों...

0

छोटी सी लिस्ट ख़्वाहिशों की

सुनो ……. छोटी सी लिस्ट ख़्वाहिशों कीतुम रूह में ठहर गये होजाओगे निकल के तोमैं लाश बन जाऊंगाऔर…रूह मेंबसी हुई जानकिसी और के साथ होयह हरगिज़ बर्दाश्त नहीं मुझे मुझको क्या हक,मैं किसी को...

0

उसने अपना घर बनाया

उसने अपना घर बनायाऔकात तो जन्म सेही नहीं छोड़ी थी आपने।उसने घास फूस का घर बनाया।आपने उसे तोड़ दिया।उसने गारा गोबर से घर बनाया।आपने उसे तोड़ दिया।उसने कच्ची ईंटों से घर बनाया।आपने उसे तोड़...

0

मानसिक समस्याएं और स्टिग्मा

मानसिक समस्याएं और स्टिग्मा । जी हाँ मेरे एक फिजिसियन दोस्त ने बताया कि जब उन्होंने डिप्रेशन से ग्रसित एक व्यक्ति को ये कहा कि आपके सारे लक्षण डिप्रेशन नामक बीमारी के लगते हैं...

काशी की कशमकश 0

यह नदियों का मुल्क

यह नदियों का मुल्क है,पानी भी भरपूर है ।बोतल में बिकता है,पन्द्रह रू शुल्क है।यह शिक्षकों का मुल्क है,स्कूल भी खूब हैं।बच्चे पढने जाते नहीं,पाठशालाएं नि:शुल्क है।यह अजीब मुल्क है,निर्बलों पर हर शुल्क है।अगर...

error: Content is protected !!