Author: Ravi Roy

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याद रखेंगे युगों तक

तुम भूल गए पर हमयाद रखेंगे युगों तक,हम पर दमन का दास्तांपहुंच गया हैं अब लोगों तक।इंसान तो क्या हमारे तकलीफ मेंये तपते सड़कें भी रोयी थी,हमारे मासूम बेटे और बेटीयांइन्हीं राहों में चिर...

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अब तो सबको एहसास

अब तो सबको एहसास, होने लगा हैं धीरे धीरे,झूठे वादों पर से,विश्वास टूटने लगा हैं धीरे धीरे।बन्द घरों में दमघुटने लगा हैं धीरे धीरे,बन्द शिराओं में खूनदौड़ने लगा हैं धीरे धीरे। वादों के पिटारों...

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होंगे उजाले मुल्क में

स्वार्थ की भीड़ में,खो न तु जाना,हैं व्यप्त तमस वतन में,तु रात न समझना,होंगे उजाले मुल्क में,मिटेगा अंधेरा एक दिन,हालात से न हार जाना,रहना सदा सजग रणभूमि में तु सो न जाना,स्वार्थ की भीड़...

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क्यों कोसता सरकार को

वज़ह तु हैं विश्वबंधुक्यों कोसता हैं सरकार कोसभी तकलीफों की वज़ह तु हैं,आजके इस तबाही की वजह तु हैं।तेरी अंधभक्ति तेरी नादानी नेहालात बिगाड़ा इस क़दर हैं,हर तरफ मौत कामंजर हैं देखते जिधर हैं।...

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पहरा कदापि स्वीकार नहीं

हक़ विश्वबंधु—————किस राह पर चलना है,पाव के जूते को हक़ नहीं हैं बोलने का,तु कोई नहीं हैं,मेरे जीवन मूल्य तोलने का।हर पग तय करता हैं,जीवन के हर मंजिल को सदा,पहरा कदापि स्वीकार नहीं,बुलंद हैं...

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यहां वीरों की गाथा

पूरब और पश्चिम विश्वबंधुकिताबों के पन्नों में ही,विलुप्त हुआ वीर और रणचंडी,अब तो मुल्क में नजर आता हैं,वृहन्नला और शिखंडी।मिर्च मसालों से सराबोर,यहां वीरों की गाथा हैं,वक्त आया तो नदारद हैं,सभी अतीत की कथा...

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