Category: सामाजिक

समकालीन  देश के प्रमुख सामाजिक मुद्दों पर विचार एवं विश्लेषण

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लोकतंत्र गणतंत्र और षडयंत्र

लोकतंत्र गणतंत्र और षडयंत्रमेरे देश में गण फुटपाथ पर सोता है,तंत्र कोठी बंगले में सोता है।गण एकलव्य सा निहत्था अकेला हैद्रोणाचार्य के हर छल को झेला है,तंत्र के संग धन है, बल हैगण के...

सोचता हूँ कुछ ऐसा लिखू 0

इतिहास क्या लिखा जाएगा

इतिहास में क्या लिखा जाएगा ?” इस दुनिया में सबसे बड़ी अदालत इतिहास की है, कोर्ट में क्या हुआ, हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ ?युद्ध में क्या हुआ ?, इलेक्शन में क्या...

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धारा 375 आइपीसी (बलात्कार)

बलात्कार की धारा 375 आइपीसी, सरकार ने कहा है कि हाथरस गैंगरेप मामले में उसके घर वालों वादी और अन्य का नार्को टेस्ट कराया जाएगा। नार्को टेस्ट किसी व्यक्ति के झूठ को पकड़ने के...

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गांधी के चश्मे की

नीलामी हुई है ब्रिटेन में,गांधी के चश्मे की ।चौदह लाख की उम्मीद मेंशुरू हुई नीलामी।पर ढाई करोड़ देकर गांधीके चश्मे को खरीदाअमेरिका के एक कलक्टर ने।सालों बाद गांधी के चश्मे केडुप्लीकेट की नीलामी करनेज़रूर...

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आज फिर अभिमन्यु अकेला

त्रियोदश रात्रि की द्वितीय बेला में ,मेरे प्रभू से मेरा साक्षात्कार हुआ !कहने लगे सो जाओ तुम “नंदी”,मत उलझो इन जंजालों में …..आज फिर अभिमन्यु अकेला है ! क्या पाओगे तुम ,क्या तुमने खोया...

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समाज की संग्रक्षक नारी

नारी शक्ति का स्वरुप है,नारी ही है देश का आधार स्तंभ !!समाज की संग्रक्षक नारी ही है,नारी ही करती है नव जीवन का आरम्भ !! पढता कौन लगी रही भीड़ अंधों कीबेचता है किताब...

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