Category: सामाजिक

समकालीन  देश के प्रमुख सामाजिक मुद्दों पर विचार एवं विश्लेषण

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हमारे नये टीचर

क्लास में आते हीहमारे नये टीचर नेबच्चों कोअपना लंबा चौड़ा परिचय दियाबातों ही बातों मेंउसने जान लिया कीलड़कियों के इस क्लास मेंसबसे तेज और सबसे आगेकौन सी लड़की है ? हमारे नये टीचर नेखामोश...

मज़बूरी में चिल्लाता है 0

विकृत विकास का क़हर

विकृत विकास का क़हर, फेफड़ों में घुलता ज़हर ..! विकास के नाम पर मुनाफ़ा कूटने की अनियंत्रित अन्धी हवस और धनपतियों की विलासिता की क़ीमत जहाँ ग़रीब मेहनतकश आबादी अपनी हडि्डयाँ गलाकर चुकाती है,...

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प्लास्टिक

प्लास्टिक …लोग-बाग पेड़ का तना या डाल पकड़कर उस पर चढ़ते हैं। लेकिन, सरकारें फुनगी पकड़कर पेड़ पर चढ़ना चाहती हैं। जरा सोचिए, क्या फुनगी पकड़कर पेड़ पर चढ़ना संभव है। तो फिर यह...

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राष्ट्रभक्त सरकार का जवाब

राष्ट्रभक्त सरकार का जवाबइस ऐलान के साथ ही सरकार ने ,अनशनकारी नेताओं कीएक टोली तैयार कीनवनिर्वाचित टोली ने किसानों पर,कर्णप्रिय शब्दों की बौछार कीपहले नकली होने का नाटक,फिर खालिस्तानी होने के साबुतकर लो कितने...

एग्रीकल्चर ही भारतीय कल्चर 0

एग्रीकल्चर ही भारतीय कल्चर

किसानों का यह आजीविका संघर्ष ही भारतीय अर्थ-व्यवस्था के तमाम संकटों के निदान की कुंजी है आज के किसान संघर्ष से एग्रीकल्चर ही भारतीय कल्चर का रूप साफ दिखाई दे रहा है कि इस...

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अपनी पहचान को टटोलिए

#रोटी हमारे खेत में उगे अनाज की है।#कपड़ा हमारे खेत में उगे कपास का ही बनता है।#मकान, मिट्टी से बनी ईंट-पत्थर-सीमेंट के ही बने होते है। अपनी पहचान को टटोलिए #किसान_कबीले हमेशा से ही...

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