Category: मुद्दे

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अपनी पहचान को टटोलिए

#रोटी हमारे खेत में उगे अनाज की है।#कपड़ा हमारे खेत में उगे कपास का ही बनता है।#मकान, मिट्टी से बनी ईंट-पत्थर-सीमेंट के ही बने होते है। अपनी पहचान को टटोलिए #किसान_कबीले हमेशा से ही...

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प्रासांगिक है डॉ. आम्बेडकर

भारतीय इतिहासकारों ने डॉ. आम्बेडकर जी को उस स्थान को नहीं दिया है । जिसके वो योग्य हैं! आज भी प्रासांगिक है डॉ. आम्बेडकर ऐसा मेरा मन्ना है । यह कुछ भी हो सकता है...

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लोकतंत्र गणतंत्र और षडयंत्र

लोकतंत्र गणतंत्र और षडयंत्रमेरे देश में गण फुटपाथ पर सोता है,तंत्र कोठी बंगले में सोता है।गण एकलव्य सा निहत्था अकेला हैद्रोणाचार्य के हर छल को झेला है,तंत्र के संग धन है, बल हैगण के...

सोचता हूँ कुछ ऐसा लिखू 0

इतिहास क्या लिखा जाएगा

इतिहास में क्या लिखा जाएगा ?” इस दुनिया में सबसे बड़ी अदालत इतिहास की है, कोर्ट में क्या हुआ, हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ ?युद्ध में क्या हुआ ?, इलेक्शन में क्या...

भारतीय आयरनमैन और आयरनलेडी 1

भारतीय आयरनमैन और आयरनलेडी

भारतीय आयरनमैन और आयरनलेडी जी हाँ ! दो महान शख्सियत जिनसे आप बखूबी परिचित है। एक जिसे लौह पुरूष अर्थात आयरन मैन के नाम से जाना जाता है जिन्होंने भारत को एक अखण्ड राष्ट्र...

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पराली का रोना रोये

जो लोग दिवाली के पटाख़े बजाय हर पल पानी पी पीकर पराली पराली का रोना रोये जा रहे हैं, वो दिवाली के दिन से अचानक pollution में rise देख लो। और ये हर साल...

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