Tagged: अमित सिंह शिवभक्त नंदी

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क्यों हुई अर्थव्यवस्था बीमार

क्यों हुई अर्थव्यवस्था बीमारराजनीती की ऐसी विसातऔर सियासत में,अब जनता पिसरही है बीच लाइन मेंनोट बदलने की,लगी है बैंक में,लंबी रोज़ कतार। भिनसारे से,अफरा-तफरी,धक्का-मुक्की होती।बेचारी जनतालाइन में पल-पल धीरज खोती।।भीड़-भाड़ में,नया बखेड़ा,रोज नयी तकरार।।...

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कोई मुसाफ़िर उतरा होगा

दुख की लहर ने छेड़ा होगायाद ने कंकड़ फेंका होगाआज तो मेरा दिल कहता हैतू इस वक़्त अकेला होगाभीग चलीं अब रात की पलकेंतू अब थक कर सोया होगाशहर के ख़ाली स्टेशन परकोई मुसाफ़िर...

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अब बच्चियों की जुबां

कटती जा रही गई हैंअब बच्चियों की जुबांसम्राट अशोक के उस चक्र मेंजिसके सहारे दौड़ता था तिरंगाथरथरा रही है उसकी टांगेऔर सितम्बर के ही आधे महीने कीकिसी तारीख को वहनहीं चढ़ पा रहा है...

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