Tagged: इंसान

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अंर्तमन गहराई में_!!

यूँ तो इंसान अपने हीखालीपन सेसदा ही घबराता है,पर कभी-कभी येउन खामोशी को भीअंर्तमन गहराई में सुन लेती है !! इन खामोशी को सुनना भी,मन मेंएक अजीब सासुकून दे जाता है_!! वो मन जिससे कभी कोईबात...

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कविता-पता नही कैसे ?

पता नही कैसे ? तुम ना जाने खुद कोखुद से ही बाँट लेते हो।ये बेबसी भरी ज़िन्दगी कोऐसे कैसे हालातों से काट लेते हो। ये कुत्ते की दुम नहींमुसीबतों का गम नहीकटा लो फिर...

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