Tagged: क़लम एक कुदाल

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हमारे नये टीचर

क्लास में आते हीहमारे नये टीचर नेबच्चों कोअपना लंबा चौड़ा परिचय दियाबातों ही बातों मेंउसने जान लिया कीलड़कियों के इस क्लास मेंसबसे तेज और सबसे आगेकौन सी लड़की है ? हमारे नये टीचर नेखामोश...

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संविधान के जन्मदिवस पर

72 वें गणतंत्र दिवस पर ,संविधान के जन्मदिवस पर ।कुछ मातम कुछ खुशियाँ लेकर ,आशा और निराशा लेकर ।जज्बात के रिस्ते जख्मो पर ,मरहम लेकर आई है ।छब्बीस जनवरी आई है ।। आजादी की...

तुम मेरे शिव बन जाना 0

तुम मेरे शिव बन जाना

तुम मेरे शिव बन जाना,औरमुझको अपना नंदी बनानादेश मे व्याप्तसारा का सारा गरल पी लेना।जो भी सम्मुख उगला है,उसे अपने अंदर ही समेटे रखना। जीना सरल है…प्यार करना सरल है…..हारना और जीतना भी सरल...

अब मैं अभागा किसान 0

अब मैं अभागा किसान

अब मैं अभागा किसानराशन की कतारों में नज़र आता हूँ..खेतिहर मजदूर अपनेखेतों से बिछड़ने की सज़ा पाता हूँ,साहब देखो इतनीमहंगाई के बाज़ार से कुछ लाता हूँ.. अब मैं अभागा किसानमैं किस्मत का माराअपने बच्चों...

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उसने अपना घर बनाया

उसने अपना घर बनायाऔकात तो जन्म सेही नहीं छोड़ी थी आपने।उसने घास फूस का घर बनाया।आपने उसे तोड़ दिया।उसने गारा गोबर से घर बनाया।आपने उसे तोड़ दिया।उसने कच्ची ईंटों से घर बनाया।आपने उसे तोड़...

रंग बदलते देखा है 0

रंग बदलते देखा है

सुन्दर कविता जिसके अर्थ काफी गहरे हैं……..मैंने .. हर रोज .. जमाने को ..रंग बदलते देखा है ….उम्र के साथ .. जिंदगी को ..ढंग बदलते देखा है .. !!वो .. जो चलते थे ..तो...

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