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सांस लेने का हक़

छीन गया सांस लेने का हक़ विश्वबन्धु ————-सांस लेने का हक़ भी छीन लिया,अब तो हवा पर भी पहरा हैं,तंत्री और संतरी जुल्मी हैं,षड़यंत्र बहुत गहरा हैं।हरेक नाक में नकेल यहां,अज़ब दहशत कायम हैं।इंसान...

तुम लौटकर कब आओगे 4

तुम लौटकर कब आओगे

तुम लौटकर कब आओगे,“”विश्वबन्धु””************हम जल्दी लौटेंगे,तुम चले गये ये कहकर,मेरी आँखें भीग आता हैं,अब तो रह रहकर।तुम लौटकर कब आओगे।कटेंगे इंतेज़ार में लम्हें,ताकेंगी निगाहे इस राह को,उदास नैनों की उदासी,और बेचैन करेंगे मेरे चाह...

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